जालौन चौराह
पं. श्याम जी भैया का जन्म और प्रारंभिक जीवन वाकरपुर, औरैया में बीता। वर्तमान में, वे जालौन चौराह, औरैया में निवास करते हैं। उनके पिता श्री विनोद दुबे जी और माता श्रीमती पुष्पलता देवी हैं। उनका परिवार धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसने पं. श्याम जी भैया को भगवत कथा वाचक के रूप में अपने करियर की ओर प्रेरित किया।
पं. श्याम जी भैया ने शिक्षा के क्षेत्र में B.Ed. की डिग्री प्राप्त की है। शिक्षा के साथ-साथ, उनका आध्यात्मिक ज्ञान भी अत्यंत गहरा है, जो उन्हें अपने गुरु श्री हरनारायण शास्त्री जी से प्राप्त हुआ। गुरु जी के मार्गदर्शन में, उन्होंने भगवत कथा के गूढ़ तत्वों को समझा और आत्मसात किया।
पं. श्याम जी भैया ने श्याम सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की है, जो वृंदावन के अटट्ला चुंगी गौशाला रोड पर स्थित श्याम धाम में कार्यरत है। इस आश्रम के माध्यम से वे समाज सेवा, गौ सेवा और भगवत कथा के प्रसार में सक्रिय रूप से संलग्न हैं। श्याम धाम एक ऐसा स्थान है जहां श्रद्धालु भक्तगण आध्यात्मिक शांति और भगवत प्रेम का अनुभव कर सकते हैं।
पं. श्याम जी भैया एक प्रसिद्ध भगवत कथा वाचक हैं। उनके द्वारा की जाने वाली कथाएं भक्तों के हृदय में भगवत भक्ति की गहराईयों को जागृत करती हैं। उनके वचनों में श्रीमद्भागवत कथा का सजीव और स्पष्ट वर्णन होता है, जो श्रोताओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराता है।
यदि आप पं. श्याम जी भैया से संपर्क करना चाहते हैं या उनकी कथा सुनना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित नंबरों पर उनसे संपर्क कर सकते हैं:
पं. श्याम जी भैया का जीवन और उनका कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उनकी कथाओं में भगवान के प्रति अगाध श्रद्धा और भक्ति की गूंज सुनाई देती है, जो श्रोताओं के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार करती है।
The divine Katha by Pt. Shyam ji bhaiya will be held on the following dates. Devotees are encouraged to join.