नवरात्रि के पावन अवसर पर, हम आपको ग्वालियर के साखिया विलास की पहाड़ी पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर से परिचित कराना चाहते हैं। यह मंदिर जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी मंदिर का अनुभव ग्वालियर में प्रदान करता है।
मंदिर का निर्माण:
यह मंदिर लगभग 50 साल पुराना है। स्वामी बदरू राम शर्मा ने माता वैष्णो देवी के सपने में दर्शन के बाद इस मंदिर का निर्माण किया था। माता ने उन्हें इस पहाड़ी पर अपनी प्रतिमा स्थापित करने का निर्देश दिया था।
मंदिर की विशेषताएं:
जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर की तरह, ग्वालियर का मंदिर भी गुफा के माध्यम से प्रवेश प्रदान करता है।
मंदिर के अंदर का वातावरण जम्मू के मंदिर जैसा ही है, जिससे भक्तों को माता का करीब होने का अनुभव होता है।
गुफा में पानी और ठंडक का अहसास भी भक्तों को आकर्षित करता है।
मंदिर से बाहर निकलने के लिए भी एक अलग गुफा है, जिसमें भगवान शिव का मंदिर भी स्थित है।
मंदिर का महत्व:
ग्वालियर का वैष्णो देवी मंदिर उन भक्तों के लिए एक वरदान है जो जम्मू जाने में असमर्थ हैं। यहां वे माता वैष्णो देवी के दर्शन करके अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं।
नवरात्रि में विशेष आयोजन:
नवरात्रि के दौरान, ग्वालियर के वैष्णो देवी मंदिर में विशेष आयोजन किए जाते हैं। भक्तों की भारी भीड़ यहां दर्शन के लिए आती है।
निष्कर्ष:
ग्वालियर का वैष्णो देवी मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह मंदिर भक्तों को माता वैष्णो देवी के करीब होने का अनुभव प्रदान करता है।
आप भी नवरात्रि के दौरान या कभी भी इस मंदिर में माता वैष्णो देवी के दर्शन कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
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