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श्रीश्री 51008 श्री हनुमंत तपोभूमि हनुमतेश्व तीर्थक्षेत्र ग्राम सुखई खेड़ा पोस्ट सतांव जिला रायबरेली उत्तर प्रदेश 229122 यह प्राचीन तीर्थ स्थल है इस तीर्थ स्थल की महिमा श्रीधाम अयोध्या से जुड़ी हुई है अनंत श्री विभूषित परम पूज्य श्रद्धेय श्री श्री 51008 श्री काली कमले दास बाबा उर्फ (सन्यासी बाबा) बताते हैं कि प्रभु श्री राम सरयू नदी के द्वारा समाधि ले लिए थे तो हनुमान जी अयोध्या से चल दिए थे और हनुमान जी वायु वेग से उड़ते जा रहे थे तभी उन्हें यह निर्जन वन दिखाई दिया तब हनुमान जी ने यहां रुक कर श्री सीताराम ध्यान तपस्या में बैठ गए थे द्वापर में श्री कृष्ण अवतार से पहले श्री हनुमान जी को इसी तीर्थ स्थल पर श्री सीताराम जी के दिव्य दर्शन हुए और श्री सीताराम ने हनुमान जी महाराज को आशीर्वाद दिया आज से यह स्थल श्री हनुमंत तपोभूमि हनुमतेश्वर तीर्थक्षेत्र के नाम से जानी जाएगी हनुमान जी को दूसरा आशीर्वाद श्री राम जी ने दिया था यहां पर आने वाला वक्त पूरी श्रद्धा एवं भक्ति भाव के संग लहसुन प्याज आदि तामसिक पदार्थ त्याग कर जो भी मनोकामना धाम से करेगा उसकी सारी मनोकामना पूर्ण होगी श्री राम जी ने श्री हनुमान जी को आशीर्वाद दिया था धाम की एक विशेष बात है जो हनुमान जी ने आशीर्वाद रूप में श्री ज्ञानेश्वर महंत बाबा जी को आशीर्वाद दिया था धाम पर जो भी पीठाधीश्वर बनाया जाएगा (महंत) घाम की चौखट नहीं लॉन्घ सकता है यह महंत के लिए वर्जित होगा यह के प्रथम महंत श्री श्री 51008 श्री ज्ञानेश्वर महंत बाबा जी थे और दूसरे महंत श्री श्री 51008 श्री काली कमले दास उर्फ सन्यासी बाबा तीसरे महंत कथा प्रवक्ता श्रीश्री 51008 श्री हनुमंत तपोभूमि हनुमतेश्वर पीठाधीश्वर पूज्य गुरु महंत बाबा
तीर्थक्षेत्र विशेष दिन-मंगलवार, गुरुवार, शनिवार श्री हनुमंत तपोभूमि हनुमतेश्वर भजनानंदी हनुमंत सरकार को (दुध व गुण)का प्रसाद चढ़ाया जाता है
एवं कार्तिक मास का विशेष महत्त्व है यह पर आने वाला श्रद्धालु भक्ति को प्राप्त करता है व सर्व तीर्थक्षेत्र जाने का पुण्य केवल श्री हनुमंत तपोभूमि हनुमतेश्वर तीर्थक्षेत्र सुखईखेड़ा आने से प्राप्त होता है यह पर पूज्य गुरु महंत बाबा जी द्बारा कलियुग में श्री पंचमुखी बाल गायत्री को प्रगट किया है यह पर आने भक्त माता पंचमुखी बाल गायत्री की कृपा पाते है
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