देख सखी तीज महातम आयो॥
स्यामास्याम परस्पर झूलत निरख परम सुख पायो॥१॥

दिश-दिश घोर-घोर घन गरजत मंदमंद वरखायों ॥
दादुर मोर पपैया बोलत कोयल शब्द सुनायों ॥२॥

ताल मृदंग किन्नरी दुंदुभी प्रेम निसान बजायो ॥
सूरदास प्रभु युगल विराजत अखिल भुवन यश छायों ॥३॥

श्री ठकुरानी तीज (हरियाली तीज) की आप सभी वैष्णवों को बहुत बहुत मङ्गल बधाई ।
जय गोमाता जय गोपाल।।