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Ragini

Ragini Sharma

Devotee
हरे कृष्ण ❤️
१.राधा🙏२.रासेश्वरी🙏३.रम्या🙏४.कृष्णमंत्राधिदेवता🙏५.सर्वाद्या🙏६.सर्ववन्द्या🙏७.वृंदावनविहारिनी🙏८.वृंदाराधा🙏९.रमा🙏१०.अशेषगोपीमंडलपूजिता🙏११.सत्या🙏१२.सत्यपरा🙏१३.सत्यभामा🙏१४.श्रीकृष्णवल्लभा🙏१५.बृषभानुसुता🙏१६.गोपी🙏१७.मूल प्रकृति🙏१८.ईश्वरी🙏१९.गांधर्वा🙏२०.राधिका🙏२१.रम्या🙏२२.रुक्मिणी🙏२३.परमेश्वरी🙏२४.परात्परतरा🙏२५.पूर्णा🙏२६.पूर्णचंद्रविमानना🙏२७.भूक्ति-मुक्तिप्रदा🙏२८.भवव्याधि-विनाशिनी🙏
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जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै।
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे॥
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🌙 जून 2025 के प्रमुख व्रत: निर्जला एकादशी, योगिनी एकादशी और आषाढ़ अमावस्या
हिंदू पंचांग के अनुसार, जून 2025 का महीना तीन विशेष व्रतों और तिथियों के लिए अत्यंत पावन है। इस महीने श्रद्धालु निर्जला एकादशी, योगिनी एकादशी और आषाढ़ अमावस्या का व्रत रखते हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्व है।

🕉 1. निर्जला एकादशी – 6 जून 2025 (शुक्रवार)
निर्जला एकादशी साल की सबसे कठिन और पुण्यदायिनी एकादशी मानी जाती है। इस दिन बिना जल के उपवास किया जाता है। यह व्रत सभी 24 एकादशियों का फल एक साथ प्रदान करता है।

🔹 महत्व: पापों का नाश, मोक्ष की प्राप्ति और भगवान विष्णु की विशेष कृपा।
🔹 व्रत विधि: पूर्ण निर्जल उपवास, श्री विष्णु की पूजा, तुलसी दल अर्पण, व्रत कथा का पाठ।
🔹 विशेष मंत्र:
"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"

🌿 2. योगिनी एकादशी – 21 जून 2025 (शनिवार)
योगिनी एकादशी शरीर, मन और कर्मों की शुद्धि का प्रतीक है। इस दिन व्रत करने से 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

🔹 महत्व: पूर्व जन्मों के पापों का नाश, सौंदर्य, स्वास्थ्य व शांति की प्राप्ति।
🔹 व्रत विधि: दिनभर उपवास, श्री हरि विष्णु की आराधना, फलाहार व रात्रि जागरण।
🔹 कथा सार: कुबेर के सेवक हेममाली की कथा, जिसने इस व्रत से अपने दोषों से मुक्ति पाई।

🌑 3. आषाढ़ अमावस्या – 25 जून 2025 (बुधवार)
आषाढ़ अमावस्या विशेष रूप से पितृ तर्पण, स्नान और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण होती है। यह तिथि पितृ शांति और कर्म दोष निवारण के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।

🔹 महत्व: पितरों की कृपा प्राप्ति, ग्रहदोष निवारण, जलदान और दीपदान का विशेष फल।
🔹 कार्य: तीर्थ स्नान, पितृ तर्पण, गाय-भोजन, ब्राह्मण दान।

🪔 सारांश
जून 2025 का महीना आध्यात्मिक साधना, उपवास और पवित्र कर्मों के लिए श्रेष्ठ अवसर लेकर आया है। निर्जला एकादशी, योगिनी एकादशी और आषाढ़ अमावस्या – ये तीनों तिथियाँ न केवल आत्मिक शुद्धि का माध्यम हैं, बल्कि आपके जीवन में सुख-शांति और मोक्ष की दिशा भी प्रशस्त करती हैं।

🙏 इन पावन तिथियों पर व्रत जरूर रखें और जीवन में शुभता आमंत्रित करें।
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हे लाडली सुध लीजे हमारी, हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी, कब होगी मोपे पर कृपा तुम्हारी, हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी, कृपा बरसाने वाली,
⛳🥰
Ragini
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इस जीवन में दो अद्भुत चीज देखने को मिली...
पहला कोविड और दुसरा महाकुंभ

एक ने दूरी बढ़ायी और दूसरे ने घटाई।

कोविड ने कहा – "दूरी बना लो, जान बचा लो!"
महाकुंभ ने कहा – "भीड़ बढ़ा लो, पुण्य कमा लो!"

कोविड बोला – "मास्क लगाओ, घर में रहो!"
महाकुंभ बोला – "डुबकी लगाओ, मुक्ति पाओ!"

"एक ने साँसों को उलझा दिया'।
"दूजे ने हर हर गंगे का नारा दिया"।

कोई बोला – 'ऑनलाइन रहो, सुरक्षित रहो' तो
कोई बोला 'संगम चलो, भवसागर से पार चलो'

ये ज़िंदगी भी अजीब रंग दिखाती है, कभी दूरी ज़रूरी हो जाती है, तो कभी भीड़ ही सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।

॥ राम कृष्ण हरि ॥
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Ragini
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