लॉग इन करें।
Cover Image
Profile Picture

Devotee

Followers Following
Ravi Tomar
Devotee

Ravi
Ravi Tomar
Devotee

Ravi
Ravi Tomar
Devotee

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना | भक्तों से विनम्र अपील 🙏वर्तमान में बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए गोस्वामी समाज द्वारा भक्तों से अनुरोध किया गया है कि📅 5 जनवरी तक मंदिर दर्शन के लिए न आएं।भीड़ नियंत्रण और सभी भक्तों की सुरक्षा व सु...
Show More

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना | भक्तों से विनम्र अपील 🙏
वर्तमान में बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए गोस्वामी समाज द्वारा भक्तों से अनुरोध किया गया है कि
📅 5 जनवरी तक मंदिर दर्शन के लिए न आएं।
भीड़ नियंत्रण और सभी भक्तों की सुरक्षा व सुविधा के लिए यह अपील की गई है।
आपकी थोड़ी सी समझदारी किसी की बड़ी परेशानी को टाल सकती है।
✨ भक्ति भाव से की गई प्रतीक्षा भी सेवा है।
कृपया यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएं।
🙏 राधे राधे 🙏
Show Less
Ravi
Ravi Tomar
Devotee

🌿 तुलसी दिवस – आस्था, स्वास्थ्य और संस्कार का पर्व 🌿भारत की संस्कृति में तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि माँ लक्ष्मी का स्वरूप, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। तुलसी दिवस हमें प्रकृति के साथ अपने गहरे संबंध, घर की पवित्रता और जीवन में संतुल...
Show More

🌿 तुलसी दिवस – आस्था, स्वास्थ्य और संस्कार का पर्व 🌿
भारत की संस्कृति में तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि माँ लक्ष्मी का स्वरूप, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। तुलसी दिवस हमें प्रकृति के साथ अपने गहरे संबंध, घर की पवित्रता और जीवन में संतुलन का स्मरण कराता है।
तुलसी के पत्ते न सिर्फ़ आयुर्वेद में अमृत समान माने गए हैं, बल्कि पूजा-पाठ में भी इनका विशेष महत्व है। घर में तुलसी का होना नकारात्मकता को दूर करता है और वातावरण को सात्त्विक बनाता है।
🙏 आइए, तुलसी दिवस पर संकल्प लें—
प्रकृति का सम्मान करेंगे, तुलसी का संरक्षण करेंगे और स्वस्थ जीवन अपनाएँगे।
🌱 तुलसी है तो संस्कृति है, तुलसी है तो स्वास्थ्य है।
#TulsiDivas #तुलसीदिवस #IndianCulture #Ayurveda #SpiritualIndia
Show Less
Ravi
Ravi Tomar
Devotee

मणिबंध शक्तिपीठ✨📍 अजमेर में सिर्फ दरगाह नहीं… शक्तिपीठ भी है — लेकिन कौन जानता है?अजमेर…जिसे सुनते ही दुनिया ख्वाजा साहब की दरगाह याद करती है।लाखों लोग दूर-दूर से आते हैं।लेकिन अजीब बात यह है कि उसी अजमेर के पास, पुष्कर में माता सती का एक शक्तिपीठ...
Show More

मणिबंध शक्तिपीठ
✨📍 अजमेर में सिर्फ दरगाह नहीं… शक्तिपीठ भी है — लेकिन कौन जानता है?

अजमेर…
जिसे सुनते ही दुनिया ख्वाजा साहब की दरगाह याद करती है।
लाखों लोग दूर-दूर से आते हैं।

लेकिन अजीब बात यह है कि उसी अजमेर के पास, पुष्कर में माता सती का एक शक्तिपीठ है — मणिबंध शक्तिपीठ।
जहाँ माना जाता है कि माता सती की कलाई (मणिबंध) गिरी थी।

यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है।
यह स्थान शक्ति और ब्रह्म तत्व का संगम है।
यह स्थान सनातन की धरोहर है।
लेकिन — कितने लोगों को इसके बारे में पता है?

क्यों?

क्योंकि हमें बताया गया अजमेर का नाम → दरगाह
लेकिन नहीं बताया गया → अजमेर का शक्तिपीठ।

हज़ारों टूरिस्ट वहाँ पहुँचते हैं…
लेकिन कुछ ही कदम आगे पुष्कर के इस दिव्य शक्तिपीठ तक नहीं जाते।

यह सिर्फ भूल नहीं — हमारी सांस्कृतिक चेतना में एक खालीपन है।

और अब समय है — उसे भरने का।

🙏 आइए —
✨ अपने सनातन धरोहर को जानें,
✨ अपने शक्तिपीठों को पहचानें,
✨ और अपनी आने वाली पीढ़ियों को बताएं कि —
“भारत केवल भौगोलिक भूमि नहीं — यह शक्ति की चेतना है।”

अगर आप कभी अजमेर जाएं —
सिर्फ तस्वीरें न लें…
माता के दरबार में प्रणाम जरूर करें।

Show Less
Ravi
Show More

© 2026 Dikshasthal. All Rights Reserved.