जयपुर के सिंधी कैंप केंद्रीय बस स्टैंड परिसर के भीतर स्थित श्री तलवार वाले वीर हनुमान जी मंदिर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
मंदिर का पता और स्थान
लोकेशनः यह मंदिर जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड के बिल्कुल अंदर बना हुआ है। आप आसानी से पहुँचने के लिए Google Maps लोकेशन का उपयोग कर सकते हैं।
पुजारी जी का विवरण
मुख्य पुजारीः मंदिर की मुख्य सेवा और सनातनी पूजा-पाठ की कमान श्री जगमोहन शर्मा जी संभालते हैं।
छोटे पंडित जीः उनके सुपुत्र श्री कृष्ण शर्मा जी (जिन्हें भक्त प्रेम से छोटे पंडित जी कहते हैं) भी मंदिर की दैनिक व्यवस्था और आरती का संचालन करते हैं। यह शर्मा परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी बाबा की सेवा करता आ रहा है।
दर्शन और आरती का समय :
मंगलवार और शनिवार (विशेष दिन): इन दिनों मंदिर सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक लगातार खुला रहता है।
नियमित दिन (सोमवार, बुधवार से शुक्रवार, रविवार): सुबह 7:30 बजे से रात 8:30 बजे तक।
मंदिर की विशेषता
यहाँ बालाजी महाराज हाथ में गदा के बजाय तलवार और ढाल धारण किए हुए हैं, जो कि पाताल लोक में अहिरावण वध के समय का उनका विशेष 'वीर स्वरूप' माना जाता है।
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मंदिर का पता और स्थान
लोकेशनः यह मंदिर जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड के बिल्कुल अंदर बना हुआ है। आप आसानी से पहुँचने के लिए Google Maps लोकेशन का उपयोग कर सकते हैं।
पुजारी जी का विवरण
मुख्य पुजारीः मंदिर की मुख्य सेवा और सनातनी पूजा-पाठ की कमान श्री जगमोहन शर्मा जी संभालते हैं।
छोटे पंडित जीः उनके सुपुत्र श्री कृष्ण शर्मा जी (जिन्हें भक्त प्रेम से छोटे पंडित जी कहते हैं) भी मंदिर की दैनिक व्यवस्था और आरती का संचालन करते हैं। यह शर्मा परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी बाबा की सेवा करता आ रहा है।
दर्शन और आरती का समय :
मंगलवार और शनिवार (विशेष दिन): इन दिनों मंदिर सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक लगातार खुला रहता है।
नियमित दिन (सोमवार, बुधवार से शुक्रवार, रविवार): सुबह 7:30 बजे से रात 8:30 बजे तक।
मंदिर की विशेषता
यहाँ बालाजी महाराज हाथ में गदा के बजाय तलवार और ढाल धारण किए हुए हैं, जो कि पाताल लोक में अहिरावण वध के समय का उनका विशेष 'वीर स्वरूप' माना जाता है।
बहुत सुंदर मंदिर। यदि यह मंदिर अभी तक Dikshasthal पर सूचीबद्ध नहीं है, तो कृपया इसकी जानकारी यहाँ जोड़ें ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन एवं जानकारी का लाभ प्राप्त कर सकें। 🛕 मंदिर जोड़ें: https://dikshasthal.com/user/temple/create